Friday, March 26, 2010

अहसास


लिखना कोई बुरी बात तो नहीं,
मन के तार छेड़ना कुछ बुरा तो नहीं,
सारे नगमे एक सुर मे लय हो जाते है|
कुछ मिले न मिले, कुछ एहसास तो मिल ही जाते है,
बस लिख रहा हूँ उन एहसास को ..
जो कभी मेरे मन मे, कभी तुम्हारे मन मे दफ़न हो जाते है|
--- प्रकाश

अहसास... क्या है ये अहसास
कभी अपने के पास आने की ख़ुशी है, अहसास..
तो कभी अपनों से दो पल की दुरी का दर्द है, अहसास
कभी हमारी ख़ुशी है, अहसास
कभी हमारा गम है, अहसास
इतना सब कुछ है, अहसास
फिर भी मेरा मन यही पूछे की, क्या है ये अहसास
सब कुछ हो कर भी कुछ ना होना है,अहसास
सब कुछ खो कर भी पाना है,अहसास
प्यार है अहसास, खुदा है,अहसास
मेरा होना है अहसास , तुम्हारा होना है, अहसास
सच पूछो तो, दिल की गहराई मे जो छुपा है,
वही है अहसास, अहसास, और बस अहसास.....
---प्रकाश

मै क्यों लिख रहा हूँ मै ना जानू,
पर दिल मै है एक प्यार का दरिया, इतना तो मै मानु
उदेलु इसे या कर लू बंद
आख्ने बंद कर लू तो मै ये जानू|
--- प्रकाश