देखता हूँ अश्क जब खुद का आईने मे,
तो कोई और ही नज़र आता है,
तुजसे मिलने के बाद ए माहि ..
कोई इतना केसे बदल जाता है |
---प्रकाश
प्यार करना हमे आता नहीं,
प्यार निभाना हमे आता नहीं,
आता नहीं हमे, प्यार से प्यार करना ,
ऐसा क्यों है, हम्हे कोई समजाता भी नहीं |
--- प्रकाश


